Section 296 of BNS in Hindi

Section 296 of BNS in Hindi

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Written by Admin

May 31, 2026

Section 296 of BNS in Hindi का मतलब है भारतीय न्याय संहिता 2023 की वह धारा जो सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतों और गानों को अपराध मानती है। यह धारा 1 जुलाई 2024 से लागू हुई है। इसने पुरानी IPC धारा 294 की जगह ली है। अगर कोई व्यक्ति किसी पार्क, बाजार या सड़क पर गंदे गाने गाता है या अश्लील हरकतें करता है, तो यह धारा उस पर लागू होती है। इस धारा का मकसद समाज में शालीनता और मर्यादा बनाए रखना है।

इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर तीन महीने तक की जेल, जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह एक जमानती अपराध है, इसलिए आरोपी पुलिस स्टेशन से ही जमानत ले सकता है। इस लेख में आप जानेंगे कि BNS धारा 296 क्या है, इसमें कौन से काम अपराध माने जाते हैं, सजा क्या है, और अगर यह धारा आप पर लगे तो क्या करें।

Section 296 of BNS in Hindi: अश्लील हरकतें और गाने

अश्लील हरकतें और गाने – Bharatiya Nyaya Sanhita 2023

BNS की धारा 296 “सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा, सुविधा, शालीनता और नैतिकता” से संबंधित अध्याय XV के अंतर्गत आती है। इस धारा के अनुसार:

“जो कोई भी व्यक्ति, दूसरों की झुंझलाहट के लिए — (क) किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई अश्लील हरकत करता है; या (ख) किसी लोक स्थान के निकट या उसमें कोई अश्लील गीत, गाना, पद्य या शब्द गाता, सुनाता या उच्चारण करता है — उसे तीन महीने तक के कारावास, या जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा।”

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सरल भाषा में कहें तो — अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक जगह पर अश्लील व्यवहार या गंदे गाने गाकर दूसरों को परेशान करता है, तो उसे यह धारा लागू होती है।

धारा 296 BNS की मुख्य विशेषताएं

विशेषताविवरण
धारा संख्याBNS धारा 296
पुरानी धारा (IPC)IPC धारा 294
लागू होने की तिथि1 जुलाई 2024
अपराध की प्रकृतिसंज्ञेय (Cognizable)
जमानतजमानती (Bailable)
विचारण (Trial)प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
अधिकतम सजा3 महीने कारावास या जुर्माना या दोनों

किन हरकतों पर लागू होती है BNS धारा 296?

BNS Section 296 निम्नलिखित अपराधों पर लागू होती है:

  1. सार्वजनिक स्थान पर अश्लील इशारे या हरकतें करना — जैसे बाजार, सड़क, पार्क में अशोभनीय भाव-भंगिमा करना।
  2. अश्लील गाने या गीत गाना — किसी सार्वजनिक स्थान के पास या उसमें गंदे गाने जोर से गाना।
  3. अश्लील शब्दों का प्रयोग — लोगों के सामने गाली-गलौज या अभद्र भाषा का उपयोग करना जिससे दूसरों को असुविधा हो।
  4. अश्लील चित्र या वीडियो दिखाना — सार्वजनिक स्थल पर आपत्तिजनक सामग्री प्रदर्शित करना।
  5. अश्लील तरीके से नाचना — ऐसा नृत्य जो सार्वजनिक शालीनता के विरुद्ध हो और दूसरों को परेशान करे।
  6. सार्वजनिक कार्यक्रम में अभद्र व्यवहार — मेला, उत्सव, या अन्य सार्वजनिक आयोजन में अश्लील आचरण।

IPC 294 और BNS 296 में क्या अंतर है?

बिंदुIPC धारा 294BNS धारा 296
कानूनभारतीय दंड संहिता 1860भारतीय न्याय संहिता 2023
लागू1 जुलाई 2024 से पहले1 जुलाई 2024 से
सजा3 महीने कारावास या जुर्माना3 महीने कारावास या जुर्माना
जुर्मानाकोई सीमा निर्धारित नहींअब तक समान
मूल भावसमानसमान, लेकिन आधुनिक भाषा में

मुख्य बात यह है कि IPC 294 को BNS 296 ने replace किया है — दोनों का उद्देश्य एक ही है: सार्वजनिक शालीनता (Public Decency) की रक्षा करना।

धारा 296 BNS के अंतर्गत “सार्वजनिक स्थान” का अर्थ

लोक स्थान (Public Place) से तात्पर्य ऐसी जगहों से है जहाँ आम लोगों का आना-जाना होता है:

  • सड़क, गली, चौराहा
  • पार्क, बगीचा
  • बाजार, मॉल, दुकान के बाहर
  • बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन
  • स्कूल या कॉलेज परिसर के बाहर
  • मेला, उत्सव, धार्मिक स्थल के आसपास

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि अपराध तभी माना जाएगा जब हरकत सार्वजनिक रूप से की गई हो और इससे दूसरों को परेशानी या झुंझलाहट हुई हो।


धारा 296 BNS में “झुंझलाहट” (Annoyance) का महत्व

यह धारा तब लागू होती है जब अश्लील हरकत या गाने से दूसरों को झुंझलाहट (Annoyance) हो। यानी:

  • केवल अश्लील होना पर्याप्त नहीं है।
  • यह सिद्ध करना जरूरी है कि उस हरकत से कम से कम एक व्यक्ति को असुविधा या परेशानी हुई।
  • अगर कोई व्यक्ति एकांत में है और उसका व्यवहार किसी को परेशान नहीं करता, तो यह धारा लागू नहीं होती।

धारा 296 BNS: सजा और कानूनी प्रक्रिया

सजा का प्रावधान:

  • अधिकतम कारावास: 3 महीने
  • जुर्माना: न्यायालय के विवेक पर
  • दोनों एक साथ: अदालत चाहे तो जेल और जुर्माना दोनों दे सकती है

कानूनी प्रक्रिया:

  1. यह एक संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) है — पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
  2. यह जमानती अपराध (Bailable Offence) है — आरोपी पुलिस स्टेशन से ही जमानत ले सकता है।
  3. मुकदमे की सुनवाई प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट (First Class Magistrate) करते हैं।
  4. FIR दर्ज होने के बाद जांच, चालान और फिर अदालत में सुनवाई होती है।

धारा 296 BNS का व्यावहारिक उदाहरण

उदाहरण 1: राहुल शाम को एक व्यस्त पार्क में जोर-जोर से अश्लील गाने गाने लगा, जहाँ बच्चे और परिवार मौजूद थे। लोगों ने आपत्ति जताई। यह BNS धारा 296 के अंतर्गत अपराध है।

उदाहरण 2: किसी बस स्टॉप पर एक व्यक्ति महिलाओं की तरफ गंदे इशारे करता है जिससे उन्हें तकलीफ होती है। यह भी धारा 296 BNS के तहत दंडनीय है।

उदाहरण 3: किसी मेले में कोई व्यक्ति अश्लील तरीके से नाचकर भीड़ को असुविधा देता है — यह भी इसी धारा के अंतर्गत आएगा।

पुलिस धारा 296 BNS का उपयोग कैसे करती है?

  • सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत देखते ही पुलिस स्वयं संज्ञान (Suo Motu) ले सकती है।
  • किसी पीड़ित या शिकायतकर्ता की FIR पर भी कार्रवाई होती है।
  • CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, और प्रत्यक्षदर्शी गवाह साक्ष्य के रूप में काम आते हैं।
  • चूंकि यह संज्ञेय अपराध है, पुलिस बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के गिरफ्तार कर सकती है।

अगर आप पर धारा 296 BNS लगाई गई हो — क्या करें?

अगर आप पर यह धारा लगाई गई है तो घबराने की जरूरत नहीं। यहाँ कुछ जरूरी कदम हैं:

  1. तुरंत किसी अनुभवी वकील से संपर्क करें।
  2. यह जमानती अपराध है, इसलिए पुलिस स्टेशन से ही जमानत मिल सकती है।
  3. अपने पक्ष के सभी साक्ष्य जुटाएं — जैसे गवाह, वीडियो, या स्थान-संबंधी जानकारी।
  4. अदालत में यह साबित करने की कोशिश करें कि हरकत अश्लील नहीं थी या किसी को झुंझलाहट नहीं हुई।
  5. ध्यान रहे कि इस धारा का कई बार दुरुपयोग भी होता है — इसलिए साक्ष्य की बारीकी से जाँच जरूरी है।

धारा 296 BNS और अन्य संबंधित धाराएं

धाराविषय
BNS 294अश्लील सामग्री (किताबें, चित्र, डिजिटल) की बिक्री
BNS 29520 वर्ष से कम आयु को अश्लील सामग्री बेचना
BNS 296सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें और गाने
BNS 297अनधिकृत लॉटरी से संबंधित प्रावधान
BNS 298धार्मिक स्थल को क्षति पहुँचाना

Conclusion

BNS की धारा 296 सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतों और गानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कानून है। यह धारा समाज में सार्वजनिक शालीनता (Public Decency) और नैतिक मर्यादा की रक्षा के लिए बनाई गई है। पुरानी IPC धारा 294 की जगह यह नई धारा 1 जुलाई 2024 से लागू है।

इस धारा की मुख्य बातें याद रखें: यह एक जमानती और संज्ञेय अपराध है; अपराध सिद्ध करने के लिए अश्लीलता और झुंझलाहट दोनों जरूरी हैं; और इसमें 3 महीने तक की सजा या जुर्माना हो सकता है।

अगर आप इस धारा से जुड़े किसी मामले में हैं — चाहे आरोपी हों या पीड़ित — किसी अनुभवी वकील से जरूर परामर्श लें। कानूनी जानकारी आपको अपने अधिकारों की रक्षा करने में मदद करती है।

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