Section 351 of BNS in Hindi

Section 351 of BNS in Hindi

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Written by Admin

May 3, 2026

क्या आपको कभी किसी ने धमकी दी है? या आप जानना चाहते हैं कि भारतीय कानून में धमकी देना कितना बड़ा अपराध है? तो आप सही जगह आए हैं। Section 351 of BNS in Hindi यानी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 351 यही बताती है। यह धारा आपराधिक धमकी को परिभाषित करती है और इसकी सजा का प्रावधान भी करती है।

पहले यह विषय IPC की धारा 503 और 506 के अंतर्गत आता था। लेकिन अब BNS 2023 के लागू होने के बाद, यह धारा 351 के रूप में जानी जाती है। आइए इसे सरल हिंदी में समझते हैं।

Section 351 of BNS in Hindi: आपराधिक धमकी

आपराधिक धमकी का मतलब सिर्फ गुस्से में कुछ कह देना नहीं है। कानून के अनुसार, यह तब अपराध बनता है जब धमकी जानबूझकर और किसी खास मकसद से दी जाए। चाहे मकसद किसी को डराना हो, या उससे कोई काम करवाना हो दोनों ही स्थितियों में यह criminal intimidation law India के दायरे में आता है।

यह धारा केवल शारीरिक नुकसान की धमकी तक सीमित नहीं है। इसमें संपत्ति को नुकसान की धमकी और प्रतिष्ठा को नुकसान की धमकी भी शामिल है। यानी अगर कोई आपकी इज्जत खराब करने या आपका घर जलाने की धमकी देता है वो भी इस कानून के तहत दोषी माना जाएगा।

आपराधिक धमकी Bharatiya Nyaya Sanhita 2023

धारा 351(1) के अनुसार जो कोई किसी व्यक्ति को उसके शरीर, ख्याति, या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है, इस आशय से कि उसे डर पैदा हो, या उससे कोई ऐसा काम करवाया जाए जिसे करने के लिए वह कानूनी रूप से बाध्य नहीं है, या किसी वैध काम को करने से रोका जाए वह आपराधिक अभित्रास का दोषी है।

यहाँ एक जरूरी बात यह भी है कि अगर कोई किसी मृत व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है, और उस मृत व्यक्ति से पीड़ित का संबंध है तो यह भी इस धारा के अंतर्गत आता है। यह कानूनी धमकी की परिभाषा को काफी व्यापक बनाता है।

दृष्टांत: मान लीजिए ‘क’ नहीं चाहता कि ‘ख’ उसके खिलाफ मुकदमा करे। इसलिए वो ‘ख’ के घर को जलाने की धमकी देता है। यह एक वैध काम (मुकदमा दर्ज करना) को रोकने की धमकी है इसलिए ‘क’ आपराधिक अभित्रास का दोषी है।

BNS धारा 351 के अंतर्गत दंड का प्रावधान

BNS धारा 351 विवरण के अनुसार, सजा धमकी की गंभीरता पर निर्भर करती है। हल्की और गंभीर धमकी के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान है।

उपधारा (2) सामान्य धमकी: अगर कोई सामान्य आपराधिक धमकी देता है, तो उसे 2 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।

उपधारा (3) गंभीर धमकी: अगर धमकी इन में से किसी से संबंधित हो —

  • मृत्यु या घोर उपहति (Grievous Hurt) की धमकी
  • अग्नि द्वारा संपत्ति नष्ट करने की धमकी
  • मृत्युदंड या आजीवन कारावास वाले अपराध की धमकी
  • किसी महिला पर असतीत्व (चरित्र) का लांछन लगाने की धमकी

तो दोषी को 7 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। death threat देने पर क्या होगा यह उपधारा (3) के अंतर्गत आता है और इसमें 7 वर्ष तक की सजा हो सकती है।

उपधारा (4) अनाम या छिपकर दी गई धमकी: अगर कोई गुमनाम रहकर या अपना नाम-पता छिपाकर धमकी देता है, तो ऊपर बताई गई सजा के अलावा 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी हो सकता है। Anonymous threat punishment India में इसी उपधारा के तहत आती है।

सारांश: आपराधिक धमकी – धारा 351, भारतीय न्याय संहिता 2023

Section 351 of BNS in Hindi एक महत्वपूर्ण प्रावधान है जो हर नागरिक को डर और दबाव से बचाता है। यह धारा यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी व्यक्ति किसी को धमकाकर या डराकर अपना काम नहीं करवा सके।

मुख्य बिंदु:

  • आपराधिक धमकी क्या होती है किसी को शरीर, संपत्ति या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देना
  • धमकी का मकसद डर पैदा करना या कोई काम करवाना होना चाहिए
  • क्या verbal threat भी अपराध है हाँ, अगर इरादा साबित हो तो मौखिक धमकी भी अपराध है
  • मृत व्यक्ति की प्रतिष्ठा को लेकर दी गई धमकी भी इस धारा में आती है
  • सजा 2 वर्ष से लेकर 7 वर्ष तक हो सकती है, धमकी की गंभीरता के अनुसार
  • अनाम धमकी पर अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा का प्रावधान है

IPC 506 और BNS 351 में अंतर

बहुत से लोग पूछते हैं IPC 506 vs BNS 351 में क्या फर्क है? दरअसल, IPC की धारा 503 आपराधिक धमकी को परिभाषित करती थी और धारा 506 उसकी सजा देती थी। BNS 2023 में इन दोनों को मिलाकर धारा 351 बनाई गई है। सजा का प्रावधान लगभग वही रहा है, लेकिन अब सब कुछ एक ही धारा में है जो इसे और स्पष्ट और व्यवस्थित बनाता है।

BNS 351 में महिला पर असतीत्व का लांछन लगाने की धमकी को गंभीर श्रेणी में रखा गया है, जो IPC में उतना स्पष्ट नहीं था। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

धमकी मिले तो क्या करें? Legal Action Against Threats India

अगर किसी ने आपको धमकी दी है, तो आप legal action against threats India के तहत यह कदम उठा सकते हैं —

सबसे पहले, घबराएं नहीं। धमकी का कोई भी सबूत जैसे message, call recording, या गवाह संभालकर रखें। फिर नजदीकी पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाएं। How to file complaint for threat India इसके लिए आप सीधे थाने जा सकते हैं या ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती, तो आप Magistrate के सामने धारा 351 के तहत शिकायत दे सकते हैं। एक वकील की मदद लेना हमेशा बेहतर होता है। intimidation law India explained के अनुसार, यह एक cognizable offense है यानी पुलिस बिना warrant के भी गिरफ्तारी कर सकती है।

FAQs

1. आपराधिक धमकी क्या होती है? 

आपराधिक धमकी तब होती है जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को डराने या उससे कोई काम करवाने के इरादे से उसे नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है।

2. BNS 351 क्या कहता है? 

BNS धारा 351 आपराधिक धमकी को परिभाषित करती है और इसके लिए 2 से 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान करती है धमकी की गंभीरता के आधार पर।

3. क्या verbal threat भी अपराध है? 

हाँ, अगर मौखिक धमकी का इरादा किसी को डराना या उससे कोई काम करवाना हो, तो यह धारा 351 के तहत अपराध है।

4. Anonymous धमकी की सजा क्या है? 

अनाम या छिपकर दी गई धमकी पर मुख्य सजा के अलावा 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी हो सकता है।

5. महिला को बदनाम करने की धमकी देने पर क्या होगा? 

किसी महिला पर असतीत्व का लांछन लगाने की धमकी धारा 351(3) के तहत गंभीर अपराध है और इसमें 7 वर्ष तक की सजा हो सकती है।

Conclusion

Section 351 of BNS in Hindi हर उस व्यक्ति के लिए एक मजबूत कानूनी ढाल है जिसे कभी धमकी मिली हो। यह धारा न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक और सामाजिक नुकसान की धमकी को भी अपराध मानती है। भारतीय न्याय संहिता 2023 ने इस प्रावधान को और स्पष्ट और प्रभावी बनाया है।

अगर आप या आपका कोई जानकार इस तरह की स्थिति में है, तो कानूनी सहायता लेने में देर न करें। धमकी देना अपराध है और कानून आपके साथ है।

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