भारत में 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) लागू हो गई है। इस नए कानून के तहत संपत्ति के विरुद्ध अपराधों को अध्याय XVII में स्थान दिया गया है। अगर आप जानना चाहते हैं कि Section 324 of BNS क्या है, इसमें कौन-सा अपराध आता है, क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे होती है तो यह लेख आपके लिए ही है।
BNS Section 324 को आम भाषा में “शरारत” (Mischief) का कानून कहा जाता है। यह धारा पुरानी IPC की धारा 425, 426, 427 और 440 की जगह लेती है।
Section 324 of BNS in Hindi: शरारत
शरारत Bharatiya Nyaya Sanhita 2023
BNS Section 324 भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय XVII संपत्ति के विरुद्ध अपराध का हिस्सा है। यह धारा “शरारत” (Mischief) की परिभाषा, उसके दृष्टांत, और अलग-अलग परिस्थितियों में दी जाने वाली सजा को विस्तार से बताती है।
धारा 324 का मूल पाठ (हिंदी में)
धारा 324(1): जो कोई, इस आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह लोक को या किसी व्यक्ति को सदोष हानि या नुकसान कारित करे, किसी सम्पत्ति का नाश या किसी सम्पत्ति में या उसकी स्थिति में ऐसी तब्दीली कारित करता है, जिससे उसका मूल्य या उपयोगिता नष्ट या कम हो जाती है, या उस पर क्षतिकारक प्रभाव पड़ता है वह रिष्टि (शरारत) करता है।
स्पष्टीकरण 1: रिष्टि के अपराध के लिए यह जरूरी नहीं कि अपराधी नष्ट या क्षतिग्रस्त संपत्ति के मालिक को ही नुकसान पहुँचाने का इरादा रखे। यह पर्याप्त है कि उसका यह आशय हो, या वह यह संभाव्य जानता हो, कि किसी संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर वह किसी भी व्यक्ति को चाहे वह उस संपत्ति का मालिक हो या न हो सदोष हानि कारित करे।
स्पष्टीकरण 2: ऐसी संपत्ति पर असर डालने वाले कार्य द्वारा भी रिष्टि की जा सकती है, जो उस कार्य को करने वाले व्यक्ति की हो, या संयुक्त रूप से उस व्यक्ति और अन्य व्यक्तियों की हो।
Related POST: Section 304 of BNS in Hindi
BNS धारा 324 के दृष्टांत (Illustrations)
कानून को बेहतर समझने के लिए BNS में निम्नलिखित उदाहरण दिए गए हैं:
| दृष्टांत | विवरण |
| (a) | A जानबूझकर Z का एक मूल्यवान प्रतिभूति पत्र जलाता है ताकि Z को सदोष हानि हो यह शरारत है। |
| (b) | A, Z के बर्फघर में पानी डालकर बर्फ पिघला देता है यह शरारत है। |
| (c) | A, Z की अंगूठी नदी में फेंक देता है यह शरारत है। |
| (d) | A, कर्ज़ की वसूली से बचने के लिए अपनी संपत्ति नष्ट करता है, Z को हानि पहुँचाने के इरादे से यह शरारत है। |
| (e) | A जानबूझकर अपना बीमाकृत जहाज डुबो देता है ताकि बीमाकर्ताओं को नुकसान हो यह शरारत है। |
| (f) | A, Z की संयुक्त संपत्ति वाले घोड़े को गोली मारता है यह शरारत है। |
| (g) | A, Z की फसल नुकसान पहुँचाने के इरादे से उसके खेत में मवेशी चरवा देता है यह शरारत है। |
BNS धारा 324 की सभी उपधाराएँ और सजा
| उपधारा | अपराध का विवरण | सजा |
| 324(2) | सामान्य शरारत (किसी भी संपत्ति को नुकसान) | 6 माह तक कारावास, जुर्माना, या दोनों |
| 324(3) | सरकारी या स्थानीय निकाय की संपत्ति को नुकसान | 1 वर्ष तक कारावास, जुर्माना, या दोनों |
| 324(4) | 20,000 रुपये या उससे अधिक की क्षति | 2 वर्ष तक कारावास, जुर्माना, या दोनों |
| 324(5) | रेलवे, सड़क, नहर, जलापूर्ति, संचार तंत्र को नुकसान | 5 वर्ष तक कारावास, जुर्माना, या दोनों |
| 324(6) | अग्नि या विस्फोटक से हानि जिससे जीवन को खतरा या 1 लाख से अधिक नुकसान | 7 वर्ष तक कारावास, जुर्माना, या दोनों |
BNS Section 324 में जमानत (Bail)
BNS की धारा 324 की सभी उपधाराओं के तहत अपराध जमानतीय (Bailable) हैं। इसका मतलब है कि आरोपी व्यक्ति किसी भी पुलिस थाने या मजिस्ट्रेट के पास जमानत अर्जी लगाकर जमानत पा सकता है। हालाँकि, मुकदमे का सामना (Trial) तो करना ही पड़ता है।
जमानत प्रक्रिया:
- थाने में गिरफ्तारी के समय ही जमानत मिल सकती है (Bailable offence होने के कारण)
- यदि थाना जमानत न दे, तो किसी भी मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन किया जा सकता है
- अधिवक्ता की सहायता लेने की सलाह दी जाती है
BNS 324 बनाम IPC 425 क्या बदला?
| पहलू | IPC धारा 425 | BNS धारा 324 |
| विषय | शरारत (Mischief) | शरारत (Mischief) |
| लागू तिथि | ब्रिटिशकालीन (1860) | 1 जुलाई 2024 |
| उपधाराएँ | कम विस्तृत | 6 उपधाराएँ अधिक स्पष्ट |
| IPC की समरूप धाराएँ | 425, 426, 427, 440 | सभी एक साथ BNS 324 में समाहित |
| सजा की स्पष्टता | सीमित | क्षति की गंभीरता के अनुसार श्रेणीबद्ध |
नोट: BNS की धारा 324 पुरानी IPC की धाराओं 425, 426, 427 और 440 का सम्मिलित और उन्नत स्वरूप है।
BNS धारा 324 के अंतर्गत आने वाले सामान्य कार्य
निम्नलिखित गतिविधियाँ इस धारा के अंतर्गत अपराध मानी जा सकती हैं:
- किसी के वाहन, मकान, या सामान को जानबूझकर तोड़ना या नुकसान पहुँचाना
- फसल या खेती को जानबूझकर बर्बाद करना
- किसी की बिजली, पानी या अन्य सुविधाओं की आपूर्ति जानबूझकर काट देना
- सरकारी संपत्ति को नष्ट करना
- पड़ोसी की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के इरादे से अवैध निर्माण करना
- नफरत या द्वेष के कारण किसी के दस्तावेज या मूल्यवान वस्तु जलाना या नष्ट करना
BNS 324 के मामले में बचाव के उपाय
अगर आप पर BNS की धारा 324 का मामला दर्ज हो गया है, तो निम्नलिखित बातें ध्यान में रखें:
- तुरंत वकील से संपर्क करें एक अनुभवी आपराधिक अधिवक्ता आपकी स्थिति का सही मूल्यांकन कर सकता है।
- FIR की प्रति प्राप्त करें यह आपका कानूनी अधिकार है।
- जमानत के लिए आवेदन करें यह बेलेबल अपराध है, इसलिए जमानत का अधिकार मिलता है।
- आशय (Intention) साबित करना महत्त्वपूर्ण है यदि यह सिद्ध हो जाए कि क्षति अनजाने में हुई, न कि जानबूझकर, तो बचाव संभव है।
- सुलह (Compromise) का विकल्प कुछ मामलों में पीड़ित पक्ष से समझौता करके मामला कमजोर किया जा सकता है।
Conclusion
Section 324 of BNS भारतीय न्याय संहिता 2023 का एक महत्त्वपूर्ण प्रावधान है, जो संपत्ति को होने वाली जानबूझकर क्षति को अपराध मानता है। यह पुराने IPC के बिखरे प्रावधानों को एक स्थान पर, सुस्पष्ट और श्रेणीबद्ध रूप में प्रस्तुत करता है।
इस धारा की सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि आशय (Intention) या संभाव्य जानकारी (Knowledge) इसका आधार है मतलब यदि आपने जानते-बूझते या यह जानकर भी कि नुकसान होगा, किसी की संपत्ति को हानि पहुँचाई, तो यह धारा लागू होती है।
सजा की गंभीरता क्षति की प्रकृति और मूल्य पर निर्भर करती है साधारण मामलों में 6 माह से लेकर जघन्य मामलों में 7 वर्ष तक की सजा हो सकती है। चूँकि यह जमानती अपराध है, इसलिए आरोपी को जमानत का अधिकार होता है, लेकिन मुकदमे का सामना करना अनिवार्य है।
यदि आप या आपके परिचित किसी ऐसे मामले में फँसे हैं, तो किसी अनुभवी अधिवक्ता से परामर्श लेना सबसे उचित कदम होगा।