BNS Section 191

BNS Section 191(2) क्या है? झूठी गवाही देना – सजा, जमानत और पूरी जानकारी हिंदी में

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Written by Admin

July 1, 2026

BNS Section 191 आजकल काफी चर्चा में है। लोग अक्सर पूछते हैं कि यह धारा असल में किस बारे में है। सच यह है कि BNS Section 191 दंगे यानी rioting से जुड़ी है। यह पुरानी IPC धारा 146, 147 और 148 की जगह लेती है। अगर पाँच या ज्यादा लोग मिलकर हिंसा करते हैं, तो यह धारा लागू होती है। कानून हर सदस्य को जिम्मेदार मानता है, भले ही हिंसा कुछ लोगों ने ही की हो।

इस आर्टिकल में हम BNS Section 191 को आसान भाषा में समझेंगे। हम बात करेंगे इसकी सजा की, जमानत की शर्तों की, और असली उदाहरणों की। साथ ही यह भी जानेंगे कि 191(2) और 191(3) में क्या फर्क है। अगर आप या आपका कोई परिचित इस धारा से जुड़े केस का सामना कर रहा है, तो यह जानकारी आपके काम आएगी। चलिए, शुरू करते हैं।

BNS Section 191(2) की पूरी व्याख्या

BNS धारा 191 तीन भागों में बंटी है:

  • 191(1) – दंगे की परिभाषा देता है: जब कोई गैरकानूनी जमावड़ा (unlawful assembly) या उसका कोई सदस्य अपने साझा मकसद को पूरा करने के लिए बल या हिंसा का इस्तेमाल करता है, तो उस जमावड़े का हर सदस्य दंगे का दोषी माना जाता है।
  • 191(2) – सामान्य दंगे की सजा तय करती है।
  • 191(3) – हथियार लेकर किए गए दंगे की सजा तय करती है।

मुख्य तत्व (Ingredients):

  • पाँच या उससे ज्यादा लोगों का गैरकानूनी जमावड़ा
  • साझा उद्देश्य (common object) के लिए इकट्ठा होना
  • बल या हिंसा का प्रयोग
  • जमावड़े के हर सदस्य पर सामूहिक जिम्मेदारी

सजा: 2 साल तक कैद, या जुर्माना, या दोनों जमानत: आमतौर पर जमानती (Bailable) FIR: Cognizable (पुलिस सीधे दर्ज कर सकती है) ट्रायल कोर्ट: आमतौर पर मजिस्ट्रेट

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IPC vs BNS Section 191 की विस्तृत तुलना

विषयपुरानी IPC धाराएँनई BNS धारा 191क्या बदला?
अपराध का नामRioting (146, 147, 148)Riotingतीनों धाराएँ एक में मिलीं
परिभाषाधारा 146धारा 191(1)भाषा स्पष्ट हुई
सामान्य दंगे की सजाधारा 147 – 2 सालधारा 191(2) – 2 सालकोई बदलाव नहीं
हथियार सहित दंगाधारा 148 – 3 सालधारा 191(3) – 5 सालसजा सख्त हुई
जमानत (191/2)जमानतीजमानतीकोई बदलाव नहीं
जमानत (191/3)गैर-जमानतीगैर-जमानतीकोई बदलाव नहीं

BNS 191 के रोज़मर्रा के उदाहरण

  1. किसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान भीड़ का सार्वजनिक संपत्ति तोड़ना।
  2. जमीन-विवाद में एक गुट का डंडे-लाठी लेकर दूसरे गुट पर हमला करना।
  3. कॉलेज परिसर में छात्रों का समूह में तोड़फोड़ करना और प्रिंसिपल के साथ मारपीट।
  4. धार्मिक या राजनीतिक जुलूस के दौरान भीड़ का हिंसक हो जाना।
  5. मजदूर आंदोलन के दौरान फैक्ट्री में आगजनी या तोड़फोड़।

अगर तुम पर BNS 191(2) लग गई हो तो क्या करोगे?

  1. तुरंत किसी अनुभवी criminal lawyer से संपर्क करो।
  2. यह साबित करने की कोशिश करो कि तुम सिर्फ भीड़ में मौजूद थे, हिंसा में शामिल नहीं थे (“Mere Presence” defence)।
  3. चूंकि 191(2) आमतौर पर जमानती है, थाने या मजिस्ट्रेट के सामने ही जमानत की अर्जी दो।
  4. वीडियो फुटेज, CCTV और गवाहों के आधार पर अपना बचाव तैयार करो।

अगर दंगे से तुम्हें नुकसान हुआ हो तो क्या करोगे?

  1. नजदीकी थाने में तुरंत FIR दर्ज कराओ।
  2. नुकसान के सबूत जुटाओ – फोटो, वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट, संपत्ति के दस्तावेज।
  3. मुआवजे के लिए संबंधित अदालत में आवेदन करो।
  4. जरूरत पड़ने पर पुलिस जांच में सहयोग करो और गवाह के तौर पर पेश हो।

Section 191(2) BNS bailable or non-bailable?

Section 191(2) BNS आमतौर पर जमानती (bailable) अपराध है, यानी आरोपी को थाने या मजिस्ट्रेट कोर्ट से आसानी से जमानत मिल सकती है। हालांकि जमानत की शर्तें केस के तथ्यों पर निर्भर कर सकती हैं।

BNS Section 191(3) क्या है?

Section 191(3) BNS उस स्थिति को कवर करती है जब कोई व्यक्ति घातक हथियार (deadly weapon) लेकर दंगे में शामिल होता है। यह 191(2) की तुलना में ज्यादा गंभीर उप-धारा है और सजा भी सख्त है।

Section 191(3) BNS bailable है या नहीं?

Section 191(3) BNS सामान्यतः गैर-जमानती (non-bailable) मानी जाती है, यानी जमानत देना या न देना अदालत के विवेक (discretion) पर निर्भर करता है।

191(2) BNS की सजा कितनी है?

Section 191(2) BNS के तहत सजा 2 साल तक की कैद, या जुर्माना, या दोनों हो सकती है।

Section 191(3) BNS की सजा कितनी है?

Section 191(3) BNS के तहत, यानी हथियार सहित दंगा करने पर, सजा 5 साल तक की कैद, या जुर्माना, या दोनों हो सकती है।

Section 191(3) BNS किस कोर्ट में चलता है?

Section 191(3) BNS का मामला आमतौर पर मजिस्ट्रेट कोर्ट में चलाया जाता है, हालांकि केस की गंभीरता के आधार पर यह सेशन कोर्ट तक भी जा सकता है — इसलिए स्थानीय वकील से पुष्टि जरूर करें।

Section 190 BNS क्या है?

Section 190 BNS “गैरकानूनी जमावड़ा” (Unlawful Assembly) को परिभाषित करती है — यानी पाँच या उससे अधिक लोगों का ऐसा समूह जो किसी गैरकानूनी साझा उद्देश्य के साथ इकट्ठा हो। यह धारा 191 (दंगा) की नींव है।

191(2) BNS in English

“Whoever is guilty of rioting, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.”

Conclusion

BNS Section 191 भारत में सार्वजनिक शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। यह पुरानी IPC की तीन धाराओं (146, 147, 148) को एक व्यवस्थित रूप में समेटती है और भीड़ हिंसा के अलग-अलग स्तरों — सामान्य दंगे और हथियार सहित दंगे — के लिए स्पष्ट सजा तय करती है। धारा 191(2) जहाँ सामान्य दंगे के लिए अपेक्षाकृत नरम और जमानती प्रावधान रखती है, वहीं 191(3) हथियार के इस्तेमाल पर सख्ती दिखाते हुए सजा को पाँच साल तक बढ़ा देती है।

अगर आप किसी दंगे के मामले में आरोपी हैं या पीड़ित, तो सबसे पहला और जरूरी कदम है किसी योग्य क्रिमिनल वकील से सलाह लेना। कानून की बारीकियाँ हर केस के तथ्यों पर निर्भर करती हैं, और सिर्फ भीड़ में मौजूद होना अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करता। सही समय पर सही कानूनी कदम उठाकर आप अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं।

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